कांग्रेस सरकार के शासन में कानून और व्यवस्था सबसे खराब स्थिति में पहुंच गई थी
जनवक्ता ब्यूरो शिमला
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह और वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भ्रामक और झूठी टिप्पणी के लिए विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री की कड़ी निंदा की है।
आज यहां जारी एक संयुक्त वक्तव्य में मंत्रियों ने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री ने कानून व्यवस्था की स्थिति, राज्य में वित्तीय संकट जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल किया है, जो हास्यास्पद् है क्योंकि यह कांग्रेस सरकार के शासन में था कि कानून और व्यवस्था सबसे खराब स्थिति में पहुंच गई थी। पिछली सरकार द्वारा खराब वित्तीय प्रबंधन, अनियोजित और फिजूल खर्चों के परिणामस्वरूप बिना सोचे समझे ऋण लिए। कांग्रेस ने राज्य पर 46,500 करोड़ रुपये के ऋण बोझ डाला और इतना ही नही, पिछली सरकार ने बिना वित्तीय प्रावधानों के अपने कार्यकाल के अंत में कई घोषणाएँ की थीं।
उन्होंने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री और कांग्रेस के कुछ अन्य नेता मुख्यमंत्री से उनके दिल्ली दौरों के बारे में प्रश्न पूछ रहे हैं, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उनके ईमानदार प्रयासों के कारण केंद्र ने सिर्फ एक साल में नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। वहीं पिछली राज्य सरकार एनडीए सरकार द्वारा प्रदान किए गए धन का पूरी तरह से उपयोग करने में बुरी तरह विफल रही। कांग्रेस सरकार राज्य के लिए केंद्र द्वारा अधिसूचित 62 राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए डीपीआर भी तैयार नहीं कर सकी। इसी प्रकार, कांग्रेस सरकार राज्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत एम्स के लिए भूमि आवंटित करने में विफल रही।
बिक्रम सिंह और गोविंद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उदारता के कारण हिमाचल प्रदेश को केंद्र से हर तरह का सहयोग प्राप्त हो रहा है। सरकार के एक वर्ष के कार्यालय पूरा होने के अवसर पर आयोजित धर्मशाला रैली को लेकर कांग्रेस नेता अनावश्यक शोर-शराबा कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी को इस अवसर पर आमंत्रित किया गया था क्योंकि वह देश के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन मुकेश अग्निहोत्री को इस बात का उत्तर देना चाहिए कि किस हैसियत से राहुल गांधी को कांग्रेस की रैली में आमंत्रित किया गया था क्योंकि वह उस समय कांग्रेस अध्यक्ष भी नही थे। यह पिछली कांग्रेस सरकार ही थी जिसने उस रैली के आयोजन के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया था।
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मुकेश अग्निहोत्री पिछले एक साल के राज्य सरकार के प्रदर्शन और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की लोकप्रियता से घबरा गए हैं। वह यह नही देख पा रहे हैं कि सरकार ने जन मंच, हिमाचल गृहिणि सुविधा योजना और वृद्धावस्था पेंशन के लिए उम्र कम करने जैसी कई पहल की हैं, जिससे लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। इतना ही नही, सरकार ने समाज के सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कई अन्य फैसले भी लिए हैं।
मंत्रियों ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रयास कर रही है, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार ने राज्य में हेली-स्कीइंग शुरू करने के लिए आसमानी दावे किए थे, जो धराशाही हो गए थे।
उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने हमेशा राज्य और लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों को लटकाए रखा। एक नियोजित तरीके से अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति करने के बजाय भ्रष्ट और दागदार अधिकारियों को तैनात किया गया। अगर पूर्व सरकार युवाओं और आम आदमी के कल्याण के प्रति चिन्तित होती तो खाली पदों को नियमित आधार पर भरा जाता, जिससे युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलते।
मंत्रियों ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह ध्यान में रखना चाहिए कि मुख्यमंत्री सरकारी कामकाज के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग कर रहे हैं। वह मात्र एक साल में ही प्रदेश के लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और यह सुनिश्चित बना रहे हैं कि लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति प्रदान की जाए। मुकेश अग्निहोत्री को संभवतः यह स्मरण नहीं है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने किस तरह हेलीकॉप्टर का दुरूपयोग किया। वह अपने मंत्रियों के साथ कई बार निजी कार्यों और राजनीतिक उद्देश्य से दिल्ली गए। यही नहीं न्यायालय से जुड़े मामलों के लिए भी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया।
बिक्रम सिंह और गोविन्द सिंह ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष को सलाह दी है कि इस प्रकार के भ्रामक और झूठे बयानों से परहेज करें क्योंकि इससे उन्हें कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। प्रदेश की जनता ने भारी बहुमत से भाजपा को सत्ता दिलाई है और भ्रष्टाचार का प्राय बन चुकी कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकार दिया।


