एबीवीपी ने सार्थक कदम न उठाने पर दी आंदोलन की चेतावनी
जनवक्ता ब्यूरो, मंडी
एबीवीपी का आरोप है कि शिक्षा के व्यापारिकरण,नशा कारोबार और जातिय हिंसा के बढ़ते मामलों से प्रदेश में हालात बिगड़े है और इनसे निपटने के लिए सरकार कोई हल नहीं निकाल पाई है। एबीवीपी के संगठनात्मक जिला सुंदरनगर के जिला संयोजक सचिन चौधरी ने प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार ने जल्द सार्थक कदम न उठाए तो एबीवीपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग की नीति से पढ़े-लिखे युवाओं को ठगा जा रहा है। एबीवीपी सरकार की इस नीति का विरोध करती है। उन्होंने सरकार से मांग कि है कि आउटसोर्सिंग नीति को समाप्त कर उपयुक्तप्रक्रिया अपना विभागों में रिक्त पद भरे जाये। एबीवीपी ने सरकार से केंद्रीय विवि का जल्द शिलान्यास, अस्थाई परिसरों में मूलभूत सुविधाएं देने, नियामक आयोग और निजी विवि में भ्रष्टाचार एवं शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक लगाने, कृषि विवि पालमपुर और बागवानी विवि नौणी में छात्रों से ली जा रही अत्यधिक फीस कम करने, नियमों के विरुद्ध काम कर रहे नौणी विवि के कुलपति को बर्खास्त करने, छात्रवृत्ति घोटाले की जांच सीबीआई से जल्द शुरू करने, प्रदेश विवि में शोधार्थियों को छात्रवृत्ति देने व छात्र संघ चुनाव बहाल करने, प्रदेश में संस्कृत और खेल विवि की जल्द स्थापना करने की भी मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर परिषद 2 फरवरी को उपायुक्त व एसडीएम के माध्यम से शिक्षा से संबंधित मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिसके उपरांत 5 फरवरी को जिला केंद्रों में छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें परिषद के कार्यकर्ता बढ़चढ़ कर शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया इसके साथ ही 10-25 फरवरी तक परिषद शत प्रतिशत मतदान हो इसके लिए युवा मतदाता जागरण अभियान भी चलायेगी।

