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हिमाचल की मशहूर वादियाँ कुछ और भी चाहती है : बालक राम शर्मा

Byjanadmin

Feb 10, 2019


कुछ स्थान ऐसे हैं आज तक उनके बारे किसी ने नहीं सोचा
बाड़ीधार, मलौंन किला, खुई किला को पर्यटन स्थल घोषित करें

जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश सैनिक कल्याण एवं विकास समिति अध्याक्ष कैप्टन बालक राम शर्मा, (रिटायर्ड) नेता सुभाष चंद्र बोस फरबार्ड ब्लॉक् पार्टी के राष्ट्रीय काउंसिल के सदस्य, प्रदेश प्रवक्ता जिला सचिव, ने मांग की है कि हिमाचल को देवों की भूमि तो माना जाता है परंतु हिमाचल की मशहूर वादियाँ कुछ और भी चाहती है क्योंकि कुछ पुराने व् प्रसिद्ध स्थान जी इतिहास को दोहराते हैं और जो हिमाचल के लिए विकसित करने में अपना बड़ा योगदान करते हैं परन्तु कुछ स्थान ऐसे हैं आज तक उनके बारे किसी ने नहीं सोचा और अभी भी हमारे हिमाचल में ऐसे स्थान हैं उन्हें विकसित किया जाये तो ये वादियाँ चमकेंगी और लोगों को आर्थिक रूप से रोज़गार मिलेगा तथा सरकार और इलाके के लोंगों आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। हम मांग करते हैं कि बाड़ीधार, मलौंन किला, खुई किला को पर्यटन स्थल घोषित करें और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करें पपर्यटन स्थल के लिए घोषित करें इसमें नैनादेवी के बागा मेला से ज्योरी पत्तन,सेरिमाताला व् कोर धार को भी पर्यटन स्थल की बहुत जरुरत है इन इलाकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की जरुरत है। मुख्या मंत्री जयराम ठाकुर से मांग हैं कि बाड़ीधार, मलौंन किला, खुई किला जो राजाओं के समय से प्रसिद्ध थे और आज भी प्रसिद्ध हैं परंतु उनकी सुद्ध लेने वाला कोई नहीं है ये जगाह राजाओं के इतिहास को बताती ही नहीं बल्कि इतिहास को दोहराती भी हैं ये वादियाँ ये क़िले कुछ आज भी मांग रहे हैं हम सरकार से ज़ोरदार मांग उठाते हैं कि इसको पर्यटन स्थल बनाया जाये ताकि पुराने इतिहास ज़िंदा हो जाये और नई पीड़ी को भी इतिहास का पता चले वह भी कुछ सीखें, इतिहास भी जिन्दा हो जाये गा इलाका रोशन होगा, और सबसे बड़ी बात है कि लोगों को रोजगार के रास्ते और ज़्यादा बढ़ जाये गें, भाखड़ा बांध भाखड़ा डैम 1960 में बना था परंतु भाखड़ा विस्थापित आज भी अपने कर्मों को रोते हैं उनको जो शर्तें और अग्रीमेंट किये या बने थे विस्थापित आज भी आशा में हैं कि हमें कोई लाभ या फ़ायदा देगा कोई, आज भी अपनी मांगों को लेकर कभी मीटिंगें करते कभी सरकार के पास हाथ जोड़ते, परंतु हाथ जोड़ते जोड़ते थक गए पर सुविधाओं नहीं मिली और न ही भूअर्जन हुआ, दूसरी तीसरी पीढ़ी आ चुकी है कोटधार व नैना देवी की धार के इलाके की वादियाँ आज भी कुछ मांगती हैं लोग डैम के खतरों में गुजारा करने को मजबूर हैं नैणादेवी धार व् कोटधार ऐसे लगती है कि यहाँ इलाके का विभाजन सा लगता है आर पार आने जाने के लिए हर समय खतरे व् परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अगर मौजूदा सरकार नहीं करती है तो हमारी पार्टी नेता सुभाष चंद्र बोष फारवॉर्ड ब्लॉक् पार्टी इसको सबसे पहले करेगी

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