मण्डी से युवा चेहरा अजय राणा पर हाईकमान की टिकी निगाहे
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
दिल्ली में पार्लियामेंट बोर्ड हिमाचल प्रदेश के तीन संसदीय उमीदवार मंडी, कांगडा व शिमला की बदलने की तैयारी में हैं ।सूत्र बता रहें हैं कि पूर्व में हारे हुए प्रत्याशियो और फील्ड से बाहर हो चुके लोगो को तरजीह नहीं दी जा रही है और नए निष्ठावान पार्टी समर्पित चेहरे को सामने लाया जा रहा हैं ।इस में जो महत्वपूर्ण फैक्टर देखा जा रहा है वह पब्लिक इंडेक्स व सर्वे रिपोर्ट । इस समय मंडी सब से ज्यादा प्रतिष्ठा की सीट बन चुकी है।जहां कांग्रेस यहां पर पशोपेश में है वहीं भाजपा के ठाकुर जयराम भी अपनी सियासी फील्ड को देखते हुए फुक फुक कर कदम रख रहे हैं ।ग़ौर है कि 1977 में भी भाजपा के युवा चेहरे ठाकुर गंगा सिंह ने राजा वीरभद्र सिंह को लगभग 38 हजार मतों से हरा कर सब को चौंका दिया था।उस समय सुन्दरनगर, नाचन, बल्ह, मंडी , द्रंग जोगिन्द्रनगर सरकाघाट ,धर्मपुर,चच्योट व करसोग ने ठाकुर गंगा सिंह का भरपूर साथ मिला था।भाजपा इस इतिहास को दोहराने की फिराक में दिख रही है। प्रत्यासी के लिए जहां कांग्रेस फिर से अपने राज परिवार के भरोसे पर टिकी है वहीं जनता की आशा भाजपा के युवा व निष्पक्ष चेहरे अजय राणा पर टिक चुकी है। अजय राणा पिछले 30 वर्षो से बतौर पार्टी कार्यकर्ता जुड़ कर आज लोक सभा क्षेत्र ही नही प्रदेश व राष्ट्रिय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके है।एक बहुत बड़े वर्ग के इस चेहरे पर विश्वास व सहानुभूति के चलते भाजपा अब इसी नाम पर मोहर लगा सकती है।
मंडी में सारी कसौटियों पर अजय राणा इस समय भाजपा के लिए सबसे फिट बैठ रहे हैं ।यहा पर पूर्व में विधानसभा व लोकसभा चुनावो के दौरान भी सशक्त उम्रामीदवार होने के बावजूद अजय राणा द्वारा पार्टी के लिए सम्पर्ण और 30 वर्षो के त्याग को देखते हुए राणा पार्टी व जनता की पहली पसन्द बने हुए है। सूत्र बता रहे हैं कि संघ परिवार ने भी इस नाम पर हामी भर दी है।सब से बड़ी बात यह कि यह एकमात्र सर्वमान्य चेहरा सामने आ रहा है।कई समीकरणों के मद्देनजर पार्टी ने यह चेहरा लगभग फाइनल कर लिया है।ऐसे में बस घोषणा का इंतजार बाकि है।

