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सरस मेला हस्त शिल्प, लोक कला संस्कृति एवं महिला उद्यमियों का अनूठा संगम- विवेक भाटिया

Byjanadmin

Mar 27, 2019


जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
लूहणू मैदान में आयोजित 10 दिवसीय आजीविका सरस मेले का विधिवत रूप से समापन हो गया। समापन समारोह की अध्यक्षता उपायुक्त विवेक भाटिया ने की। इस अवसर पर उन्होंने सरस मेले को हस्त शिल्प, लोक कला संस्कृति एवं महिला उद्यमियों का अनूठा संगम बताते हुए विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों प्रगतिशाील महिला उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विगत् 10 दिनों में लोगों को पुरातत्व व आधुनिकता का मनोहरी संगम देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे देश के विभिन्न राज्यों के परम्परागत हुनर को यहां गुलदस्ते की भान्ति सजाकर प्रदर्शित व बिक्री के लिए रखा गया था। उन्होंने बताया कि सरस मेले के दौरान उद्यमियों द्वारा लगभग 71 लाख रूपए का व्यवसाय किया गया जो कि 10 दिन की अल्पावधि में बिलासपुर की महिला उद्यमियों व स्वयं सहायता समूहों के लिए आगे बढ़ने हेतु पे्ररित करने के लिए एक सशक्त संदेश है। उन्होंने कहा कि यह सुखद आश्चर्य की बात है कि मीलों दूर से थकावट भरा लम्बा सफर तय करने के पश्चात भी महिला उद्यमी यहां हमेशा आनंदित, प्रफुल्लित व हर्षित भाव से नजर आई जो इनके हौंसले , आत्मविश्वास और एकता को दर्शाता हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सरस मेले का आयोजन अत्यंत कारगर भूमिका का निर्वहन करने में सफल हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरस मेले में स्वयं सहायता समूह और अन्य लघु उद्यमियों को उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को सीधे तौर पर लोगों तक पहुचाने का ना केवल अवसर ही मिला अपितु कम भाव होने के बावजूद उनकी आर्थिकी में भी इजाफा हुआ। उनहोंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के गठन के पश्चात महिलाएं जहां आत्मनिर्भर बन रही है, वहीं परिवार के बेहतर जीवन यापन के लिए भी सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला स्वाबलम्बन, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का अनूठा मिश्रण रहा सरस मेला। उन्होंने इस अवसर पर जिला के स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों से कहा कि अन्य राज्यों से आई महिला उद्यमियों से बिक्री, मांग, प्रदर्शन, उत्पान गुणवत्ता, परम्परागत महत्व व नवीनतम सोच के मानकों पर श्रेष्ठता कैसे हासिल की जा सकती है उसका अनुभव और ज्ञान भी इस सरस मेले में आवश्य सीखा होगा।
उपनिदेशक डीआरडीए संजीत सिेह ने धन्यावाद सम्बोधन में कहा कि सरस में 85 स्टाॅल व 9 फूड स्टाॅल लगाने की व्यवस्था की गई थी । उन्होंने बताया कि मेले के दौरान विभिन्न राज्यों के 151 प्रतिभागियों ने शिरकत की। उन्होने बताया कि हिमाचल के 3 जिलों को छोड़कर अन्य सभी जिलों ने सरस मेले में अपने -अपने जिला के उत्पादों को बिक्री व प्रदर्शनी के लिए रखा। उन्होंने बताया कि देश भर से हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मेघालय, हिमाचल इत्यादि राज्यों के लघु उद्यमी अपने उत्पादों को बिक्री के लिए सरस मेले में लाए।
इस अवसर पर एडीएम राजीव कुमार, एसडीएम प्रियंका वर्मा, सहायक आयुक्त पूजा चैहान, डा0 शिखा शर्मा भाटिया, बीडीओ सदर गौरव धीमान, एक्सियन विद्युत गुलेरिया के अतिरिक्त स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों ने भाग लिया।

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