सरकारी तंत्र के दुरपयोग के आरोपों पर नेता प्रतीपक्ष मुकेश अग्निहोत्री को आड़े हाथों लिया
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शशि दत्त व प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवीण कुमार शर्मा ने सरकारी तंत्र के दुरपयोग के आरोपों पर नेता प्रतीपक्ष मुकेश अग्निहोत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुये सरकारी तंत्र का जो दुरूपयोग कांग्रेस के नेता करते रहे हैं, उन्हीं कार्यों कि उम्मीद वह भाजपा सरकार से भी लगाये बेठे हैं। परन्तु वह भूल रहे हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं और संसाधनों कि दृष्टि से समर्थ पार्टी है। और अपने समर्थ मीडिया सेल कि बदोलत गत् विधानसभा चुनावों में कांग्रेस द्वारा सरकारी तंत्र के दुरूपयोग के बावजुद धूल चटा चुकी है। और इस बार भी अपने प्रचार-प्रसार के लिए किसी भी तरह के सरकारी तंत्र की आवश्यकता नहीं है।
भाजपा नेताओं ने बुजुर्ग नेताओं के सम्मान पर नेता प्रतिपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यह कांग्रेस पार्टी है। जिसमें बुजुर्ग नेताओं के अपमान करने की परंपरा रही है। केन्द्रींय नेताओं से लेकर प्रदेश में कांग्रेस ने बुजुर्गों को कूडे़दान का रास्ता दिखाया है। ने प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने तो स्वयं अपने पिता ओंकार शर्मा का टिकट काटकर उन्हें घर बैठा दिया था। जो नेता अपने पिता का नहीं हुआ वह जनता का नेता कैसे हो सकता है। इसलिए भाजपा पर आरोप लगाने से पूर्व वह अपने गिरेबान में झांक कर देखें।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री रहे नरसिंह राव की मृत्यु के बाद सोनिया गांधी ने उनकी लाश को कांग्रेस मुख्यालय में नहीं घुसने दिया था, कई घंटे तक सेना की तोप गाड़ी में उनका शव कांग्रेस मुख्यालय के बाहर पड़ा रहा और कार्यालय के दरवाजे नहीं खोले गये। यहां तक कि सोनिया गांधी ने नरसिंह राव के परिवार की इच्छा के अनुरूप उनके शव का अंतिम संस्कार दिल्ली में नहीं होने दिया था।
उन्होंने कहा कि एक समय कांग्रेस के बड़े दलित नेता और कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी को धक्के मारकर कांग्रेस दफतर से खदेड़ दिया गया था। उनकी बेईजती करने के बाद सोनिया गांधी खुद कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हो गयी थी। राष्ट्रीय स्तर पर अपने कई अन्य बुजूर्ग नेताओं को कांग्रेस ने बुरी तरह अपमानित कर के उनका राजनैतिक जीवन समाप्त कर दिया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के पास चुनाव में जाने के लिए न तो कोई विजन है और न ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा से मुकाबला करने की रणनीति। वंशवाद के आधार पर चल रही इस पार्टी कों जनता इस बार भी नकार देगी।

