
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
प्रदेश सरकार मे मंत्री गोविंद ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा व मिल्क फैडेरेशन के अध्यक्ष निहाल चन्द शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह व पण्डित सुखराम का तथा कथित मिलन राजनैतिक अवसरवादिता का निकृष्त्तम उदाहरण है पूर्व मे एक दूसरे के खिलाफ विषवमन करने वाले नेताओं का कथनी व करनी का अन्तर प्रदेश की युवा पीढ़ी को सपष्ट नजर आ रहा है। आने वाले लोकसभा चुनावों में प्रदेश की जनता व्यक्तिगत् महत्व काक्षाओं और स्वार्थ की इस राजनीति का हमेशा के लिये अन्त कर देगी।
भाजपा नेताओं ने कहा कि वर्ष 1996 में पण्डित सुखराम के दिल्ली व मण्डी स्थित घर से क्रमशः 2.45 करोड़ व 1.16 करोड़ रूप्ये सी0बी0आई द्वारा बरामद किये गये थे। उस समय पण्डित सुखराम ने इसे वीरभद्र सिंह की साजिश करार दिया था। और अपने राजनैतिक भविष्य को खत्म करने के आरोप वीरभद्र सिंह के उपर लगाये थे। पुत्र और पोत्र मोह के लिए यह नेता जब जनता की आंख में धूल झोकने के लिए गले मिल रहे हैं तो सुखराम जी को जनता में अब यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उनके घर से बरामद धन उनका ही था या फिर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा रखा गया था?
भाजपा नेताओं ने कहा कि वीरभद्र सिंह को सत्ता से बेदखल करने के लिये पंडित सुखराम द्वारा न केवल हिविका का गठन किया था, बल्कि उन्होंने वीरभद्र सिंह को वर्ष 1998 में सत्ता से बाहर करने मे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पंडित सुखराम द्वारा दिये गये धोखे को वीरभद्र सिंह क्या भूल चूके हैं ?
इसी तरह गत् विधानसभा चुनावों के दौरान पण्डित सुखराम के परिवार ने कांग्रेस छोड़ने के पीछे तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किये जा रहे अपमान को मुख्य कारण बताया था। अब प्रदेश की जनता पण्डित सुखराम व उनके परिवार से पूछना चाहती है कि वह यह बताये कि आखिरकार अब वीरभद्र सिंह जी ने ऐसे कौन से पुण्य कार्य पण्डित सुखराम और उनके परिवार के लिये किये जो उनका अपमान अब सम्मान में बदल गया है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि व्यक्तिगत् स्वार्थो के लिये आया राम गया राम की राजनीति का यह चुनाव पूर्णतया खात्मा करके एक नये अध्याय को शुरूआत करेंगें।


