चिकित्सा बिलों के भुगतान में होने वाली अनियमित्ताओं पर लगे कडा अंकुश : रामसिंह
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व राज्य अध्यक्ष रामसिंह ने हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि प्रदेश में लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सभी विभागों के पेंशनरों के लिए सरकार द्वारा आबंटित किए जाने वाले चिकित्सा बजट और उसके वितरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये जाएँ और यह पता लगाया जाये कि विभागाध्यक्षों द्वारा किस – किस कार्यालय में किस- किस पेंशनर को कितना- कितना चिकित्सा भत्ता कब – कब दिया गया और उनके द्वारा कब -कब कितने -कितने चिकित्सा बिल विभाग के पास जमा करवाये गए हैं ताकि इसमें हुई ब्याप्क अनियमितताओं का पता लगा कर दोषियों को दंडित किए जाने की व्यवस्था हो सके ।
रामसिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग में प्रमुख अभियंता और मुख्य अभियन्ताओं तथा अधीक्षण अभियन्ताओं के कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनर्ज के चिकित्सा बिलों का भुगतान समयबद्ध किए जाने और अधिशासी अभियंता तथा सहायक अभियन्ताओं के कार्यालयों के कर्मचारियों और पेंशनर्ज के चिकित्सा बिलों का भुगतान वर्षों से लटकाये रखने की शिकायतें आम हैं । उन्होने कहा कि लोकनिर्माण विभाग के पेंशनर्ज के चिकित्सा बिलों का भुगतान तो पिछले पाँच –छह वर्षों से लटका पड़ा है । उन्होने मुख्यमंत्री और लोकनिर्माण मंत्री से मांग की है कि सभी विभागों में तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित पड़े चिकित्सा बिलों का भुगतान प्राथमिकता से करने के सख्त आदेश दिये जाएँ और इनके भुगतान में हो रही अनियमिताओं पर पूरी तरह से रोक लगाई जाये ।

