काम न मिला तो 24 जून को एम्स के गेट के बाहर होगा प्रदर्शन
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
दी परिवहन टिप्पर सोसायटी ने मांग की है कि बिलासपुर में बनने वाले एम्स के निर्माण कार्य में 24 जून 2019 तक उनके टिप्परों को काम नहीं दिया गया तो कोठीपुरा में एम्स के गेट के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। बिलासपुर में शुक्रवार को बाहर की गाड़ियों को रोका जाएगा। सोसायटी के प्रधान और सदस्यों ने बिलासपुर में एसपी अशोक कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि एम्स् के निर्माण कार्य में ढुलाई का कार्य सोसायटी और यूनियन के माध्यम से कराया जाए। साथ ही मांग की है कि एसीसी फैक्ट्री बरमाणा में भी टिप्पर तथा बल्कर सोसायटी के माध्यम से क्लींकर ढुलाई का कार्य कराया जाए। बिलासपुर में पत्रकारों से बात करते हुए टिप्पर सोसाइटी के प्रधान नरेश शर्मा व महासचिव टिप्पर यूनियन चन्दन चंदेल ने बताया कि बरमाणा ट्रक ऑपरेटर सोसायटी व भूतपूर्व सैनिकों के करीब 4000 ट्रक काम कर रहे हैं, जिनको क्लींकर की ढुलाई का कार्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मात्र 3-4 सरमायेदारों के लगभग 700 बल्कर क्लींकर की ढुलाई का कार्य एसीसी कंपनी की मिली भगत से कर रहे हैं। जो 4000 ट्रक ऑपरेटरों और लगभग 200 टिप्पर ऑपरेटरयुवाओं के रोजगार के के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से मांग की है कि इस घोर अन्याय से युवाओं को बचाया जाए। उनके ट्रकों, बल्करों और टिप्पर जो बकायदा सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत है उनको काम दिया जाए। जो बल्कर अनाधिकृत तरीके से चल रहे हैं उन्हें वहां से हटाया जाए। उन्होंने बताया कि फोरलेन का काम अचानक बंद होने से नौजवान बेरोजगार हो गए है। उनकी गाड़ियां बैंक वालों ने उठा ली है। उनमें से कुछ लोगों ने बड़ी मुश्किल से अपनी गाड़ियों को बचाया है। बामुश्किल से किश्त दी जा रही हैं। अब जबकि एम्स का काम शुरू हुआ है तो नागार्जुन कंपनी पंजाब व अन्य जिलों से टिप्पर मंगवा कर रेत, बजरी की ढुलाई का काम उनसे करवा रहे हैं। इससे युवाओं के रोजगार पर कुठाराघात हो रहा है, जिसे टिप्पर सोसायटी तथा टिप्पर यूनियन बिलासपुर कभी सहन नहीं करेगी।

