रुद्रप्रयाग,। गांवों मंे जगह-जगह सोलर लाइटें तो लगी हुई हैं, लेकिन रख-रखाव न होने के कारण यह लाइटें खराब हो गई हैं और गांवों के रास्तों और आबादी वाले क्षेत्रों में अंधेरा पसरा हुआ है। जिस कारण गांवों में इन दिनों जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है।
केदारघाटी के कई गांवों में लगी सोलर लाइटों का रख रखाव न होने से बंद पड़ी हुई हैं। न्याय पंचायत क्षेत्र फाटा के अधिकांश गांवों में विभिन्न योजनाओं के तहत लगी सोलर लाइट रख रखाव न होने से खराब हो गई हैं। इन लाइटों का कोई भी विभाग संज्ञान नहीं ले रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में रात्रि के छ बजे के बाद ही जंगली भालू और सुअरों का भय बना हुआ है। गांवों में पैदल रास्तों पर कतिपय स्थानों पर पथ प्रकाश खराब होने से ग्रामीण आवागमन करने से डरने लगे हैं। व्यापारी अतुल जमलोकी ने बताया कि गांवों के साथ ही बाजारों में लगी सोलर लाइट खराब पड़ी हुई हैं, कोई भी विभाग इनकी सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत एवं अन्य योजनाओं के तहत पथ प्रकाश की व्यवस्था की गई हैं, लेकिन इनका रख रखाव कभी नहीं होने से आज कई लाइटें खराब हैं या फिर बंद पड़ी हुई हैं। न्यालसू निवासी संदीप रावत ने बताया कि शीतकाल में केदारघाटी के पड़ावों में सूनापन बना रहता है। रात्रि होते ही जंगली जानवर भी आबादी क्षेत्रों की ओर आने लगते हैं। जिससे आवागमन करने में भय बना रहता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से गांवों एवं बाजारों में लगी सोलर लाइटों की सुध लेने की मांग की है।