मंचन के अंतिम दिन केवल श्री राम राज्याभिषेक दृश्य को दिखाया गया
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
बिलासपुर में पिछले 11 दिनों से चल रहे सबसे विशाल धार्मिक उत्सव श्री रामनाटक का शनिवार रात विधिवत रूप से समापन हो गया। इस संध्या में न सिर्फ मंच बल्कि पूरे पंडाल में विशेष रौशनी व्यवस्था कर इसे दुल्हन की तरह सजाया गया था। मंचन के अंतिम दिन केवल श्री राम राज्याभिषेक दृश्य को दिखाया गया। इस दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब नगर परिषद प्रांगण में जमकर उमड़ा। इस दृश्य में मंच के बाहर से प्रभु राम, लक्ष्मण और सीता तथा वीर हनुमान जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

अयोध्या के राज सिहांसन पर जब प्रभु राम विराजमान हुए तो सारा पंडाल सिया पति राम चंद्र जी के उदघोष से गुंजायमान हो गया। गुरू वशिष्ठ ने विधिवत पूजा अर्चना कर प्रभु राम जी का अभिषेक किया। इस अवसर पर माता सीता ने अपना कंठाहार हनुमान को उपहार के रूप में दिया। लेकिन इस हार को हनुमान ने तोड़ दिया और हर मोती में भगवान राम को ढुंढते रहे। जब माता सीता ने हार को तोडने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि इन मोतियों में तो मेरे राम है ही नहीं। माता सीता ने कहा कि भला मोतियों में भी राम बसते हैं। तो हनुमान ने अपनी छाती चीरकर भगवान राम के दर्शन करवाए तो पंडाल में तालियों का बजना स्वाभाविक ही था। इस दृश्य में भव्य आतिशबाजी का आयोजन भी किया गया था।

प्रधान नरेंद्र पंडित व महासचिव मदन कुमार ने श्री राम नाटक के सफल आयोजन पर सभी जिला वासियों को बधाई दी । उन्होंने कहा कि प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाने के हर कार्यकर्ता का योगदान अहम है। इस मौके पर समिति के सभी पदाधिकारी, सदस्य व कार्यकर्ता मौजूद थे। समापन अवसर पर समिति द्वारा प्रसाद भी बांटा गया। कार्यक्रम…… श्री राम नाटक की अंतिम संध्या में सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने बतौर मु यातिथि शिरकत की। उन्होंने समिति द्वारा करवाई गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

