आकाशवाणी शिमला के केंद्र निदेशक राज कुमार शर्मा सम्मानित
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
बिलासपुर में आखिल भारतीय साहित्यक परिषद एवं कहलूर सांस्कृतिक परिषद के संयुक्त तत्वाधान में लोहड़ी के अवसर पर प्रेस क्लब में साहित्यक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में साहित्यकार जीत राम सुमन मुख्यतिथि व सुखराम आजाद अध्यक्ष तथा व्यापार मंडल के नेता सुरेंद्र गुप्ता व तरूण टाडू भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आकाशवाणी शिमला के केंद्र निदेशक राज कुमार शर्मा को इस अवसर पर शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। मंच संचालन रविंद्र भटटा ने किया। उन्होंने पुराने शहर से मनाई जाने वाली लोहड़ी पर पत्र वाचन किया। फिल्मी दुनिया के मशहूर अभिनेता व निदेशक राजकपूर बारे प्रदीप गुप्ता ने विस्तार से उनके फिल्मी सफर पर प्रकाश डाला। राम पाल डोगरा ने …मैं रास्ते में पड़ा पत्थर, कुलदीप चंदेल ने लालची टब्बर , हुसैन अली ने .. दुल्ला पठठी वाला तथा सभी धर्मो का स मान करता हूं कविता सुनाई। शिव पाल गर्ग ने .. तुहें क्यों लगा, मैंने तुहें पुकारा, रतन चंद निर्झर ने … सुख मण व पलटन शीर्षक से दो लघु कथाएं सुनाकर अमर सिंह फिगार की गजल बच्चे हैं नंगे पांव तेरे आस पास, यूं न फैंकना टुकड़े गलियों में कांच के। वहीं सुशील पुंडीर ने .. लो भाई आईगी लोहड़ी, जीत राम सुमन ने .. अज अं मा हौंदी तां खिचड़ी लगणी थी होर भी सुआद, ओंकार कपिल ने .. जुंबा पे दर्द भरी दांस्ता, डा.प्रशांत अचार्य ने .. सहस्त्र धारा पार कर आया तेरे द्धार पर,तरूण टाडू ने पुराने शहर की यादें ताजा करने के लिए साहित्यकारों को बधाई दी। वहीं डा. एआर सां यान ने तेरे कन्ने मैं शादी काजो कितु री, प्रदीप गुप्ता ने लोहड़ी गाई। सुख राम आजाद ने अपना था जो हर श स , वह प्राया हो गया। रविंद्र भटटा ने मशहूर कार्टनिस्ट आरके लक्ष्मण का शब्द चित्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आकाशवाणी शिमला के केंद्र निदेशक राजकुमार शर्मा ने कहा कि उन्हें साहित्यकारों एवं कवियों के बीच समय बिताना अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर रंग मंच की एक गौरवशाली परंपरा रही है। यहां के कवियों शायरों ने पुराने बिलासपुर शहर से लेकर नए शहर तक समय -समय पर साहित्यक संगोष्ठियां सजाने का कार्यक्रम जारी रखा है। इस अवसर पर इंजीनियर अश्विनी सुहिल, अभिषेक सोनी व अरविंद शर्मा भी उपस्थित थे।

