ब्रिगेडियर जगदीश सिंह वर्मा थे मुख्य अतिथि
मञ्जूषा सहायता केंद्र द्वारा सात कन्याओं को दी गई सहायता राशि
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
ग्राम पंचायत कलोल के गाँव कलोल में मञ्जूषा सहायता केंद्र द्वारा अपना स्थापना दिवस मनाया जिसमें मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर जगदीश सिंह वर्मा थे। इस अवसर पर मञ्जूषा सहायता केंद्र के संस्थापक कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने केंद्र की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी । इसके पश्चात मुख्यातिथि द्वारा केंद्र की स्मारिका व् कर्नल चंदेल द्वारा लिखित पुस्तक “कोटधारा री कलम” का विमोचन किया गया। मुख्यातिथि द्वारा केंद्र को 25000 का चैक सहायतार्थ भेंट किया गया । इस अवसर पर मञ्जूषा सहायता केंद्र द्वारा नेहा, मनु, कोमल, अंजना, ज्योति, ममता, दीक्षा प्रत्येक को 5000 की राशि सहायता के रूप में प्रदान की गई । जाहिदा को एक बेटी पैदा होने पर 1100 की राशि की साब्धि जमा रशीद भेंट की गई । जिला लेखक संघ द्वारा मुन्नी स्कीम के अंतर्गत शीला देवी को 1100 की एफ डी प्रदान की गई तथा कलोल गांव के ही डा संजय चंदेल को सम्मानित किया गया । इस अवसर पर बिलासपुर लेखक संघ ने भी अपनी गोष्ठी वहीं पर की जिसमें साहित्यकारों ने अपनी नवीन रचनाएँ प्रस्तुत की। द्वारका प्रशाद शर्मा ने “कौड़ियों से ना तोल बेटी है अनमोल”,अमर नाथ धीमान ने “लोहड़ी मनाने दिया मेरी प्यारी अमीये”,बीरबल धीमान ने “बहुतों का अच्छा सहारा बन गई”,रविंदर कमल ने “गीठा लोहड़ी कन्ने खोड़ी इना रे मेल मिलपा ते बनदी असां री जोड़ी”,वीणा वर्धन ने “मोबाइल रा ज़माना”,हेम राज शर्मा ने “जब जब जन्म लेती है बेटी”,सीता राम शर्मा ने “लोहड़ी आई लोहड़ी आई घर घर नई रंगत लाई”,सुरेंदर मन्हास ने “खिचड़ी खाई भरी घिउ थाल तिस पर सटी घिउआ री नाल”,कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने “वो पेड़ थे तुम बट पेड़ थे तुम”,चंदेर्शेखर पंत ने “जब तुम ना बोले हम डर गए”,जावेद इकबाल ने “निरंतर कुढ़ते मन से उठता धुआं”,बुद्धि सिंह चंदेल ने “फौजी मेरे देश के मेरे देश की है धड़कन”,जसवंत सिंह चंदेल ने “ऐ साथी घर जाकर तपाक से मत कहना”,अरुण डोगरा रितु ने” पापा की बिटिया हुँ आँखों का तारा हूँ”,रविंदर कुमार शर्मा ने “एक आदमी ने ख़रीदा टच स्क्रीन फोन, बैंक से लेकर दस हज़ार का लोन”,रूप शर्मा ने भी अपनी कविता प्रस्तुत की ।


