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पौंग जलाश्य से 413.3 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन- वीरेन्द्र कंवर

Byjanadmin

Jan 15, 2019

2674 मछुआरों को मछली पकड़ने के लिए जारी किये गये 5348 लाईसैंस

जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
कांगडा जिला के देहरा में मात्स्यिकी विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा एक दिवसीय मछुआरा सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता वीरेन्द्र कंवर ग्रामीण विकास, पंचायती राज पशुपालन विभाग व मत्स्य मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने की। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गत् वर्ष पौंग जलाश्य से 413.3 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ और इससे प्रदेश को एक करोड़ 89 लाख रू0 का राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि पौंग जलाश्य के अन्तर्गत वर्तमान में 15 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं तथा मत्स्य विभाग द्वारा 2674 मछुआरों को मछली पकड़ने के लिए 5348 लाईसैंस जारी किये गये हैं। मत्स्य उत्पादन से मछुआरों को 6 करोड़ 67 लाख रू0 की आय प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि गिल जाल सहायता योजना के अधीन गत वर्ष 320 मछुआरों को लाभान्वित किया गया जिस पर 9 लाख 75 हजार रू0 की राशि व्यय की गई। उन्होंने बताया कि इस योजना के अधीन इस वर्ष 310 मछुआरों को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुल 12560 मछुआरों व मत्स्य पालकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2 लाख रू0 का निशुल्क बीमा कवर प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि जलाश्य मछुआरों को उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए 35 करोड 50 लाख रू0 की योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि मछुआरों के प्रतिनिधि मण्डल की मांग को स्वीकार करते हुए आगामी वित वर्ष से प्रत्येक मछुआरे को एक एक लाईफ जैकेट प्रदान की जायेगी ताकि अकारण तूफान के दौरान जानमाल की हानि से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 200 मछुआरा आवास स्वीकृत करने का प्रावधान रखा है जिस पर प्रति मछुआरा 1 लाख 30 हजार रू0 प्रदान करने का प्रावधान है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि संयुक्त रूप से सभी को मिल कर मछुआरों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि इस उपेक्षित समुदाय के जीवन स्तर पर ऊंचा उठाया जा सके। उन्होंने विभाग को आहवान करते हुए कहा कि वे नई नई परियोजनाएं का प्रारूप तैयार करें ताकि समाज के हर वर्ग का विकास सुनिश्चित करवाया जा सके।
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि मछुआरों को भारत सरकार की अटल पेंशन योजना का लाभ उठाना चाहिए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने युवाओं का आहवान किया कि वे केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ कर आजीविका कमाएं।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष रमेश ध्वाला ने कहा कि पौंग क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं जिसका उपयोग किया जाना चाहिए ताकि मत्स्य के क्षेत्र के साथ साथ पर्यटन को भी विकसित किया जा सके।
निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य, सतपाल मैहता ने विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन में अपार संभावनाएं मौजूद हैं और बेरोजगार युवा अपने निकटतम मत्स्य अधिकारी के कार्यालय में जाकर उनकी जानकारी लेकर अपना व्यवसाय आरंभ कर सकते हैं।

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