इंसीडैंट रिसपोंस सिस्टम पर तीन दिवसीय कार्यशाला जिला परिषद भवन में शुरू
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
आपदा के दौरान राहत कार्यों में संगठित होकर सामूहिक रूप से आपसी समन्वय स्थापित कर अपनी निर्धारित भूमिका का कार्यन्वयन ही इंसीडैंट रिसपोंस सिस्टम(घटना प्रतिक्रिया प्रणाली) का मुख्य प्रतिरूप है। यह जानकारी हिप्पा ( हिमाचल लोक प्रशासन शिमला) द्वारा राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में जिला परिषद भवन में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण दिल्ली के पूर्व सलाहकार सेवानिवृत कर्नल पीके पाठक ने दी। उन्होंने बताया कि आपदा रोकी नहीं जा सकती लेकिन पूर्व तैयारी से जान व माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि भारत में इंसीडैंट रिसपोंस सिस्टम को यू0एस0ए की तकनीक के आधार पर अपनाया गया है लेकिन प्रणाली को भारत की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप कृयान्वित करने के लिए राज्य सरकारों द्वारा अपने अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 11 राज्यों द्वारा इस प्रणाली को अपनाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है जबकि हिमाचल प्रदेश द्वारा इसे वर्ष 2017 में अधिसूचित किया गया। उन्होंने बताया कि विश्व के अधिकांश प्रगतिशील देश इस प्रणाली को अपनाने की दिशा में कार्य कर रहे है।
उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कार्यशाला में अधिकारियों को इस प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की जाएगी तथा इंसीडैंट रिसपोंस सिस्टम के तहत विभिन्न विभागों के लिए तय की गई जिम्मेदारी के अनुसार आपदा के समय लोगों को राहत प्रदान करने के लिए अपनी भूमिका का बेहतर निर्वहन किस प्रकार से करना है इस बारे प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न परिस्थितियों में आपदा के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले विभिन्न संसाधनों, रणनीति, कमांड, आप्रेशन, योजना, क्षमता तथा लक्ष्य इत्यादि के संदर्भ में तैयार किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान हर परिस्थिति से निपटने में आसानी हो सके।
हिप्पा से आए कोर्स डायरेक्टर ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में अधिकारियों को आपदा प्रबन्धन के बारे में विभिन्न तकनीकी पहलुओं के संदर्भ में फील्ड में भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा ताकि आपदा प्रबन्धन में एक बेहतर स्वरूप तैयार किया जा सके।
कार्यशाला में एएसपी भागमल, सहायक आयुक्त पूजा चैहान, पीओ डीआरडीए संजीत सिंह, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण वीएन पराशर, सुकल्प शर्मा, जिला अग्निशमन अधिकारी सुभाष चंद, प्रवीण भारद्वाज के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

