बजट सेशन में चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सेशन में चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने बजट सत्र में कहा कि जिला बिलासपुर में पर्यटन की काफी संभावनाएं थी लेकिन प्रदेश सरकार ने बजट में बिलासपुर को कुछ नहीं दिया। राम लाल ठाकुर ने जिला बिलासपुर के विस्थापितों का मुद्दा फिर से एक बार उठाया उन्होंने कहा कि न तो पूर्व की सरकारों ने और न ही वर्तमान सरकार ने विस्थापितों के लिए कोई बुनियादी योजना को अंजाम दिया, जो भी विस्थापितों को योजनाएं बनी व दिखावा ज्यादा था और काम बहुत कम हुआ है। जिला बिलासपुर के शहरी विस्थापितों के प्लाटों से सम्बंधित मसले अभी भी ज्यूँ के त्युं बने हुए हैं जबकि ग्रामीण विस्थापितों की जमीनों की सेटलमेंट अभी भी जस की तस है। राम लाल ठाकुर ने भाखड़ा विस्थापितों के बारे में कहा कि अभी भी बहुत से जिला में ऐसे विस्थापित परिवार है जिनको न शहर में प्लाट मिलें है और न ही ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनें मिल पाई है। इस सम्बंध में प्रदेश सरकार को एक व्यापक नीति बनानी चाहिए ताकि जिला की भाखड़ा बांध विस्थवितों व प्रभावितों को न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारें आती गई लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। सिर्फ अस्सी के दशक में एक बार मिनी सेटलमेंट कांग्रेस की सरकार ने करवाया था जो कि नाकाफ़ी था, अब जैसे जैसे विस्थापितों की जनसंख्या बढ़ी है तो समस्याएं भी बढ़ी है जिनका कोई समाधान अभी तक नहीं हो पाया है, और यदा कदा माननीय उच्च न्यायालय का डंडा पड़ता रहता है। एक अन्य प्रश्न में बहस करते हुए राम लाल ठाकुर ने आउट सोर्स पर रखे गए कर्मचारियों के बारे में क्या नीति बन रही है के बारे में बहस की जिज़ पर भी मुख्यमंत्री मंत्री जी लाचार नजर आए। एक और अन्य प्रश्न में ठाकुर राम लाल ने मछुआरों की समस्याओं को भी उठाया व जिला प्रशासन के द्वारा की गए सरकारी ख़र्च से अपने कार्यालय के रिनोवेशन व जिला प्रशासन द्वारा किये गए सरकारी घरों के आबंटन पर की गई बंदर बांट का मसला भी उठाया ।

