स्कूली बच्चों के माध्यम से जागरूकता प्रचार सामग्री घर-घर तक पहुंचाए
जल जनित रोगों और स्वच्छता के बारे में लोगों को करें जागरूक
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
डेंगू की रोकथाम के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि डेंगू रोग को पनपने से पहले ही रोका जा सके। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने डेंगू, जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होने एमसी. बिलासपुर, घुमारवीं, श्री नैनादेवी जी और तलाई को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फोगिंग करना सुनिश्चित बनाएं। उन्होनें शिक्षा विभाग को भी निर्देश दिए कि वे स्कूलों में प्रातःकालीन की सभाओं में बच्चों को डेंगू रोग तथा जल जनित रोगों और स्वच्छता के बारे में जागरूक करें ताकि इस रोग कि रोकथाम के लिए घर-घर तक संदेश को पंहुचाया जा सके। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के माध्यम से जागरूकता प्रचार सामग्री भी उनके घरों तक उपलब्ध करवाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि लोगों को डेंगू के रोग के बारे में पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में होर्डिंग्ज लगाकर और प्रचार सामग्री वितरित करके लोगों में जागरूकता का संदेश फैलाएं। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि जल भंडारण टैंको को समय रहते साफ करवाएं व आस-पास पानी एकत्रित ना हो इसके लिए आवश्यक प्रबन्ध करना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि वे घरों में भी स्थापित पानी की टंकियों की सफाई व पानी के ठहराव के संदर्भ में पूर्ण जागरूकता से अच्छे नागरिक होने का कर्तव्य निभाएं ताकि किसी भी स्तर की लापरवाही के कारण डेंगू को पनपने का अवसर ना मिलें। उन्होने लोक निर्माण विभाग तथा नगर परिषद से कहा कि वह सडकों में पडे गड्डों को भरना सुनिश्चित बनाए। उन्होने एचआरटीसी को भी निर्देश दिए कि वह मानसून से पहले पुराने टायरों की नीलामी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पंचायत व वार्ड स्तर व समितियों का गठन करके डेंगू की रोक थाम के लिए आगामी कार्य योजना बनाने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन करना सुनिश्चित करें ताकि लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक पग उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि गत् वर्ष के दौरान जिला में डेगू से प्रभावित अति संवेदनशील व संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर उन पर गहन दृष्टि बनाएं तथा अनाऊंसमेंट व प्रचार सामग्री के माध्यम से लोगों को सचेत व जागरूक करें। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि डेंगू का ईलाज संभव है, इसे घबराएं नहीं, डेंगू के रोग की आंशका होने पर तुरंत क्षेत्रीय हस्पताल में जांच करवाना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने सीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्रीय हस्पताल में डेंगू सैल बनाया गया है जिसमें डा. ऋषि टंडन को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ताकि लोगों को सुगमता से डेंगू के संदर्भ में जानकारियां उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि डायरिया जैसे रोग से बचने के लिए स्वच्छता के महत्व को समझना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा व महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय से लोगों को जागरूक करंे। उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर पर बच्चों को खाना खाने से पहले, खाना खाने के बाद तथा खाना परोसने से पहले हाथ धोने की पूर्ण प्रक्रिया के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि नन्हे शिशुओं में डायरिया फैलने की अधिक संभावना रहती है जिससे शिशु मृत्युदर में बढौ़तरी संभावित हो जाती है इसलिए शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए आंगनबाड़ी तथा आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने बताया कि डायरिया कंट्रोल करने के लिए आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर ओआरएस के पैकेट दें तथा उन्हें इसको प्रयोग करने की विधि के बारे में जागरूक करें। इसके उपरांत उन्होने नशा रोधी बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि 21 से 26 जून तक नशा रोधी सप्ताह मनाया जा रहा हैं। उन्होने बताया कि इस दौरान स्कूलों तथा काॅलेजों के छात्रों को नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम से जोडा जाएगा। स्कूलों तथा काॅलेजों के विद्यार्थियों द्वारा नशे की रोकथाम के लिए विभिन्न गतिविधियां जिसमें रैली, भाषण, चित्रकला व नारालेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रकाश दडोच, एसडीएम स्वारघाट अनिल चौहान, घुमारवीं शशी पाल शर्मा, डीएसपी, संजय शर्मा, सहायक आयुक्त पूजा चौहान, आरटीओ. सिद्धार्थ आचार्य, पीओ डीआरडीए संजीत सिंह, बीडीओ गौरव धीमान, अधिशाषी अंभियंता आईपीएच अरविंद वर्मा, डा0ऋषि टंडन, समस्त बीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी के अतिरिक्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

