गायक रविन्द्र संध्यार
सौजन्य बरमाणा संध्यार प्रोडक्शन
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
बरमाणा संध्यार प्रोडक्शन के सौजन्य से गायक रविन्द्र संध्यार ने बड़ा देव कमरुनाग पर एक भजन लॉन्च किया। गायक रविन्द्र ने बताया कि भगवान कमरुनाग पर उनकी अटूट आस्था के कारण उनके यूट्यूब और फेसबुक पर हजारों की तादाद में लोगो ने पसन्द किया है। एक गरीब परिवार से सबंधित मेहनत मजदूरी करने वाला 21 वर्षीय गायक रविन्द्र ने बताया कि उनके लिए अपने अंदर छुपी संगीत की कला को बड़े दर्जे में प्रस्तुत करना बहुत मुश्किल था परंतु संध्यार प्रोडकधन के डायरेक्टर जैकी संध्यार,एवम म्युजिशन अनिल नेगी के सहयोग से उनके अंदर जो गायन की कला थी को निखारा और उनकी यह पहली प्रस्तुति थी। इस वीडियो में पॉल सांख्यान,दीप हरि ने में भी अपनी भूमिका निभाई है। उनजोने बताया कि इस वीडियो में भगवान कमरुनाग की जीवन गाथा को प्रस्तुत किया गया है कि महाभारत के युद्ध के समय राजा रतन यक्ष किस तरह कुरूक्षेत्र की और चल दिये ओर वह भगवान विष्णु के परम भक्त थे कृष्ण जानते थे कि रतन यक्ष कमजोर पक्ष का साथ देगें उन्होने ब्राह्मण का वेष धारण किया और उनसे मिलने गये यक्ष मे भगवान शिव से तीन शक्तिशाली बाणप्राप्त किये उनकी परिक्षा लेने के बाद विष्णु रूप मे दर्शन दिये और उनका सिर मांग लिया पर यक्ष ने युद्ध देखने की विनती की तो कृष्ण ने उनका सिर करंडी मे रखकर कमराह पहुचे यंहा एक गडरिये ने इनकी विनम्र भाव से आव भक्त की और इनके साथ कमरूनाग पहुचे यंहा पर यक्ष रूक गये गडरिये ने कारण पुछा तो उन्होने बताया की त्रेतायुग मे एक नागिन ने तपस्या कर के मुझे पुत्र रूप मे प्राप्त किया था तब मैने अपने 9 भाईयो के साथ यंही जन्म लिया माता हमे एक करंडु मे रखती थी परन्तु एक दिन एक महिला ने हमे साधारण नाग समझ कर आग मे फेंक दिया पर मे साथ ही कंवर घास की झाडियो मे छुप गया माता ने मुझे ढुंढ लिया और मेरा नाम कमरूनाग रख दिया कृष्ण ने उन्हे एक बांस के डंडे मे स्थापित किया तब से ये कमरूनाग के नाम से पुजे जाते है।

